"आज का विचार"
#2 एक परमानन्दमय दिवस
रविवार के लिए विचार
1.जो व्यक्ति संतुष्ट है, चाहे उसके बैंक-खाते में थोड़ासा ही धन हो, फिर भी वह स्वयं को बहुत धनाडय समझता है।4.जो हर्षितमुख है, वह स्वयं भी प्रसन्न रहता है और दूसरों के अधरों पर भी मुस्कान ले आता है।
5.होठों पर मुस्कान हर मुश्किल कार्य को आसान कर देती है।
6.आत्मोन्नति के लिए अधिक-से-अधिक समय लगायें तो दूसरों की आलोचना करने का समय ही नहीं मिलेगा।
7.जीवन के माधर्य का रस लेने के लिए हमें बीती बातों भुला देने की शक्ति अवश्य धारण करनी है।
8.व्यर्थ कर्म भारीपन व थकान लाते हैं जबकि श्रेष्ठ कर्म हमें प्रसन्न व हल्का बना कर ताजगी प्रदान करते हैं।
9.जो प्रसन्न रहते हैं, उनके मन में कभी आलस्य नहीं आता। आलस्य एक बहुत बड़ा विकार है।
12. यदि हर कदम ईश्वर की स्मृति में रहकर उठाया जाये तो ज़रा सोचिये कि एक-एक कदम में कितना सौभाग्य समाया हुआ है!
14.हर्षितमुखता चेहरे का सच्चा सौंदर्य है! चिड़चिड़े स्वभाव का व्यक्ति वास्तव में कुरूप है।
15.जीवन एक नाटक है, यदि हम इसके कथानक को समझ लें तो सदैव प्रसन्न रह सकते हैं।
17.जब आप मुस्कराते हैं तब न केवल आपको खुशी मिलती है बल्कि आप दूसरों के जीवन में भी आशा की किरण संचारित कर देते हैं।
18.सभी परिस्थितियों म॑ सन्तुलन बनाये रखना प्रसन्नता की चाबी है।
19.बहुत से लोग आपके साथ झगड़ा करना चाहेंगे, ऐसी स्थिति में विजय पाने के लिए दो शस्रों की आवश्यकता है। वे हैं मुस्कान और स्नेहयुक्त व्यवहार।
20.कभी कभी आपको एक मुस्कान, मरुस्थल में जल की बूंद जैसी लाभदायक सिद्ध हो सकती है।










